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श्री श्रीमद् भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-02-04
आप 12 माघ, सन् 1898 ई. में श्रीशरत चन्द्र गुहठाकुरता और श्रीमती भुवन मोहिनी देवी को अवलम्बन कर आविर्भूत हुए थे। एक समय पश्चिम बंगाल के कृष्ण नगर नामक शहर में एक धर्मसभा का आयोजन हुआ।
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श्रील नरोत्तम ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-02-01
आप श्रीकृष्ण लीला में चम्पक मंजरी है। आप 15 वीं शताब्दी में माघी पूर्णिमा तिथि को आविर्भूत हुए थे। आपके पिता राजा श्रीकृष्णानन्द दत्त जी गोपालपुर परगना के राजा थे। आपकी माताजी का नाम श्रीमती नारायणी द
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श्री नित्यानन्द प्रभु जी का आविर्भाव
2026-01-31
श्रीकृष्ण लीला में बलराम जी ही, श्रीचैतन्य महाप्रभु जी की लीला में श्रीमन् नित्यानन्द प्रभु के रूप में आविर्भूत हुए। आपका जन्म पश्चिम बंगाल के एकचक्र नामक में हुआ। आपके पिताजी का नाम हढ़ाई पंडित तथा मा
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श्रीभक्ति मयूख भागवत गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-01-31
नमो ॐ विष्णुपादाय भक्ति मयूख भागवत नामिने। सर्वेश शक्ति रूपाय कृष्णाय सेवक रूपिने।।
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भगवान श्रीहरि का वराह अवतार आगमन
2026-01-30
श्रीमद् भागवतम् के 8वें स्कन्ध के तीसरे अध्याय के 8वें श्लोक में कहा गया है - न नामरूपे गुणदोष एव वा। अर्थात् सर्वशक्तिमान भगवान का भौतिक जन्म, नाम, रूप, क्रियाएं, गुण अथवा दोष नहीं हैं। भगवान श्
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श्री रामानुजाचार्य जी का तिरोभाव
2026-01-28
संसार में चार वैष्णव संप्रदाय हैं। उन चारों सम्प्रदायों में से इप 'श्री' संप्रदाय के आचार्य हैं। आपने अपने जीवन में अनेक अप्राकृत लीलाएं कीं और विशिष्ट अद्वैत सिद्धांत की स्थापना की। इस सिद
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श्रीमन मध्वाचार्य जी का तिरोभाव
2026-01-27
आप हमारे श्रीब्रह्म-मध्व संप्रदाय के आचार्य हैं। महाभारत के शांतिपर्व में पितामह भीष्म ने पांडवों से कहा था कि कलियुग के चार हजार वर्ष बीतने पर पांडवों का पुनः इस जगत में आविर्भाव होगा।
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श्रीमद् अद्वैताचार्य जी का आविर्भाव
2026-01-25
भगवान् श्रीकृष्ण जी की इच्छा के अनुसार आप श्रीकृष्ण जी की दिव्य लीला स्थली श्रीवृजमण्डल धाम की रक्षा के लिए नियुक्त रहते हैं। आपको श्रीचैतन्य महाप्रभु जी से अभिन्न शरीर व भगवान सदाशिव जी का अवतार भी क
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सरस्वती पूजा
2026-01-23
भौतिकता वादियों के द्वारा सांसारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए सरस्वती पूजा की जाती है। जबकि भक्त लोग आध्यात्मिक विद्या के लिए सरस्वती देवी जी का आशीर्वाद लेते हैं। शुद्धा सरस्वती पूजा हमें भगवान की ओर
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श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी जी का आविर्भाव
2026-01-23
श्रीकृष्ण लीला में जो रस मंजरी हैं, श्रीगौर लीला में वही श्रीरघुनाथ दास गोस्वामी जी के रूप में प्रकट हुई हैं। आप के पिता थे — श्रीगोवर्धन मजूमदार। श्रीगोवर्धन मजूमदार के बड़े भाई श्रीहिरण्य मजूमदार थे
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श्री विष्णुप्रिया देवी जी का आविर्भाव
2026-01-23
पूर्वकाल में अर्थात् श्रीकृष्ण लीला में जो राजा सत्राजित थे, वही दूसरे जन्म में श्रीसनातन मिश्र नाम से पैदा हुए हैं। जगन्माता भूस्वरूपिणी—विष्णुप्रिया जी, उन्हीं की कन्या हैं। यदुवंश के राजा सत्राजित
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श्री पुण्डरीक विद्यानिधि जी का आविर्भाव
2026-01-23
पहले जो व्रजमण्डल में वृषभानु रूप से विख्यात थे, वही महाशय इस समय श्रीचैतन्य महाप्रभु जी की लीला में पुण्डरीक विद्यानिधि के नाम से प्रसिद्ध हुए। स्वयं श्रीचैतन्य महाप्रभु जी ने स्वकीय भाव को अवलम्बन
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श्रील रघुनन्दन ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-01-23
प्रद्युम्न जी तृतीय व्यूह के हैं। इन्होंने श्रीकृष्ण जी के प्रियतम सखा होकर व्रज में श्रीराधामाधव जी की लीला में सहायता की थी। ये प्रद्युम्न जी ही इस समय श्रीचैतन्य के अभिन्न देह श्रीरघुनन्दन बने हैं।
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श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-01-23
आप जगत को भक्ति का मार्ग दिखाने वाले होने के कारण विश्वनाथ और भक्तों में श्रेष्ठ होने के कारण चक्रवर्ती की उपाधि से विभूषित हुए थे। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती जी लगभग 1560 शकाब्द अर्थात् 1639 सन
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श्रीमद्भक्तिविवेक भारती गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-01-23
श्रीमद्भक्तिविवेक भारती गोस्वामी महाराज बंगाल देश यशोहर जिला के एक मध्यवर्गीय वसु परिवार में आविर्भूत हुए। माता-पिता ने इनका नाम रखा श्रीअमलकान्त वसु। बाल्यकाल में ही इनके पिता का अंतर्ध्यान हो गया।
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श्रील परिव्राजकाचार्य त्रिदण्डीस्वामी 108 श्रीमद्भक्तिस्वरूप पर्वत गोस्वामी महाराज
2026-01-23
श्रील भक्तिस्वरूप पर्वत गोस्वामी महाराज ने सन् १८८४ श्रीगुरुपूर्णिमा तिथि पर श्रीधाम नवद्वीप अन्तर्गत गोडूम द्वीप निवासी पिता प्रभुगोपाल वेदान्त देशिक के पुत्र के रूप में जन्म लिया। बाल्यकाल में इनका
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