श्री भक्ति आलोक परमहंस गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-18
सन् 1894 में वैशाख शुक्ला प्रतिपद तिथि को आपका इस दुनिया में शुभ आविर्भाव हुआ। बचपन से ही आप बहुत भजन परायण थे। पिता-माता ने आपका नाम श्री महेन्द्र नाथ रखा था। श्रील प्रभुपाद का चरणाश्रय कर श्रीहरिना
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श्री गदाधर पण्डित गोस्वामी जी का प्राकट्य
2026-04-17
श्री कृष्ण-लीला में जो श्री राधिका जी हैं श्रीगौर-लीला में वह ही आप हैं। आप श्रीमन् महाप्रभु जी के अन्तरंग-भक्तों में से सर्वप्रधान-भक्त हैं। आप शक्ति-तत्त्व के मूल हैं। ऐसा श्री नवद्वीप लीला और नीला
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श्री वृन्दावन दास ठाकुर का तिरोभाव
2026-04-12
श्री कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास जी ने श्रीमद् भागवत में श्रीकृष्ण लीला का वर्णन किया है। इन्हीं व्यास जी से अभिन्न उनके ही अवतार हैं-- श्री वृन्दावन दास जी। इनके द्वारा रचित श्री चैतन्य भागवत में श्री
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श्रील भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज विरह उत्सव
2026-04-11
लगातार पिछले तीन वर्षों से भारत और संपूर्ण विश्व में श्रील भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का जन्म शताब्दी महोत्सव मनाया गया। आज ही के दिन भगवान श्रीराम इस धराधाम पर प्रकट हुए थे। भगवान श्रीराम जी
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श्री अभिराम ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-04-09
आप नित्यानंद जी के प्राण स्वरूप व श्री कृष्ण लीला के प्रसिद्ध 12 ग्वाल बालो में से एक ब्रज के 'श्रीदाम' सखा हैं। हुगली जिले के अंतर्गत थानाकूल कृष्णनगर में आपका निवास स्थान था। आप के निवास स
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श्रीभक्ति भूषण भागवत गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-04-08
आपका जन्म पश्चिम बंगाल के गांव के वातावरण में हुआ। आपके पिताजी का नाम श्रीसुखमय नटवर तथा माता जी का नाम गोष्ठ बाला देवी था। आप बाल्यावस्था से ही अत्यंत सरल स्वभाव के थे। एक समय बाल्य काल में ही
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श्रील भक्ति कुमुद सन्त गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-08
आप सन् 1914 में कृष्ण षष्ठी तिथि पर आविर्भूत हुए। आपके पिता का नाम श्री वैकुंठ नाथ राय और माताजी का नाम श्रीमती रत्नमयी देवी था। बचपन से ही आप असाधारण आचरण संपन्न थे। गीली मिट्टी से भगवान श्रीकृष्ण
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श्रील कृष्णदास बाबा जी का तिरोभाव
2026-04-07
आप नित्यलीला प्रविष्ट ॐ विष्णुपाद आचार्य 108 श्रील भक्ति सिद्धान्त सरस्वती गोस्वामी ठाकुर प्रभुपाद के अत्यन्त प्रिय शिष्य थे। आप बंगलादेश के निवासी थे। पहले आपका नाम श्रीस्वाधिकारानन्द दास ब्रह्मचार
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श्रीवंशीवदनानन्द ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-04-02
आप भगवान श्रीकृष्ण जी की अति प्रिय वंशी हैं। जिस ब्रज का सब कुछ चिन्मय है, उसी ब्रज की चिन्मय वंशी का अवतार आप के रूप में हुआ है।
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श्री श्यामानंद प्रभु जी का आविर्भाव
2026-04-02
आप सन् 1535 मैं चैत्र पूर्णिमा तिथि को मेदिनीपुर जिले में खड़गपुर रेलवे स्टेशन के निकट ही धारेंदा बहादुर पुर नामक ग्राम में पिता श्रीकृष्ण मंडल और माता श्रीमती दुरिका को अवलंबन कर आविर्भूत हुए थे।
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श्रील भक्ति विलास भारती गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-02
आपने 31 मार्च सन 1904 के दिन पिता श्रीयुक्त फटिक चंद्र दासाधिकारी एवं माता श्रीमती गिरीबाला देवी का आश्रय कर पुत्र के रूप में आविर्भाव लीला प्रकाशित की। आपको मात्र पांच वर्ष की आयु में स्वप्न में श्री
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श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-03-27
भगवान श्रीकृष्ण जी के भक्तों में भगवान के समस्त गुण होते हैं। अतः आपके अनेक गुणों के कारण आपके गुरु वर्ग आपके बारे में इस प्रकार कहा करते थे। श्रील भक्ति रक्षक श्रीधर गोस्वामी महाराज ने आपको
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श्री गोविंद घोष ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-03-16
श्री माधव और श्री वासुदेव घोष आपके भाई हैं। आप प्रसिद्ध सुकंठ कीर्तनीया थे। सभी आपको वृंदावन का प्रसिद्ध गायक कहते थे। आप तीनों भाइयों के कीर्तन में महाप्रभु जी और नित्यानंद प्रभु जी नृत्य करते थे।
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श्रीवास पंडित जी का आविर्भाव
2026-03-11
श्रीवास पंडित जी के पिताजी -- श्री जलधर पंडित जी के पाॅंच पुत्रों में श्रीवास जी द्वितीय पुत्र हैं। वैसे तत्व में देखा जाय तो श्रीनारद मुनि जी ही श्रीगौर लीला में श्रीवास जी के रूप में अवतरित हुए थे।
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श्री श्रीमद् भक्ति शरण शान्त गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-03-08
बंगलादेश में आपका जन्म हुआ। ढाका हाईस्कूल में आपने विद्याध्ययन किया। एक समय श्रील प्रभुपाद द्वारा श्रीचैतन्य वाणी प्रचार की एक सभा में अति सुन्दर सुसिद्धान्त पूर्ण हरिकथा श्रवण करके आपमें संसार से वैर
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श्रील माधवेन्द्र पुरीपाद जी का तिरोभाव
2026-02-28
आप 14वीं शताब्दी में आविर्भूत हुए थे। श्रीमन् चैतन्य महाप्रभु जी के आविर्भाव से पहले महाप्रभु जी के वे पार्षद इस धरातल पर प्रकट हुए, जिन्होंने उनके गुरु-वर्ग की लीला करनी थी। आप उनमें से ही एक हैं।