श्रीचैतन्य चरितामृत के एक पयार के अमृत प्रवाह भाष्य में श्रील भक्ति विनोद ठाकुर जी ने लिखा है कि वैंकट भट्ट, इनके भाई त्रिमल्ल भट्ट और आप, पहले 'श्री' सम्प्रदाय के आचार्य थे। वैंकट भट्ट के प
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श्रील भक्ति कमल मधुसूदन गोस्वामी जी का तिरोभाव
2026-07-24
19 दिसम्बर सन् 1901 को वृहस्पतिवार श्रीगौर नवमी तिथि में प्रातः 6:15 बजे, बंगाला देश के फरिदपुर जिले केअन्तर्गत वाजितपुर ग्राम में आपका प्राकट्य हुआ। ऋग्वेदी श्रेष्ठ वारेन्द्र ब्राह्मण कुल में पिता श्
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श्रीवास पण्डित जी का तिरोभाव
2026-07-09
आप पहले श्रीहट्ट ज़िला (बंगला देश) में रहते थे, आपने ही बाद में नवद्वीप में आकर गौर-पार्षद रूप से गौरलीला की पुष्टि की। आपके पिता श्रीजलधर पण्डित वैदिक ब्राह्मण थे । श्रीजलधर पण्डित के पाँच पुत्रों
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श्रीवक्रेश्वर पण्डित जी का आविर्भाव
2026-07-05
श्रीकृष्ण-लीला के चतुर्व्यूह में जो अनिरुद्ध हैं, वे ही गौरलीला में आप के रूप में आविर्भूत हुए। श्रीराधिका जी की प्रिय सखी शशिरेखा भी आप के अन्तर्प्रविष्ट हैं। बहुत से लोगों का कहना है कि त्रिवेणी के
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श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु जी का तिरोभाव
2026-06-24
आप 18वीं शताब्दी में उड़ीसा के बालेश्वर जिले के रेमुणा के पास ही एक गांव में आविर्भूत हुए थे। आपने चिल्का सरोवर के किनारे विद्वानों के निवास स्थान पर व्याकरण अलंकार और न्याय शास्त्र का अध्ययन करके उसम
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श्री गंगा माता गोस्वामिनी जी का आविर्भाव
2026-06-24
आप भगवान श्रीचैतन्य महाप्रभु जी की शक्ति, श्री गदाधर पंडित गोस्वामी जी की शिष्य परंपरा में से हैं। जितने भी गुण श्रीकृष्ण से उनके भक्तों में संचारित होते हैं, वह सभी गुण आप में विद्यमान रहते हैं।
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श्री वृन्दावनदास ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-05-14
श्री वेदव्यास जी ने श्रीमद् भागवत में कृष्ण लीला का वर्णन किया है। आप इन्हीं व्यास जी से अभिन्न व उनके ही अवतार हैं। आप के द्वारा रचित श्री चैतन्य भागवत में श्री चैतन्य लीला वर्णित हुई है।
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श्री राय रामानन्द जी का तिरोभाव
2026-05-07
श्रील भक्ति विनोद ठाकुर जी ने आपको विशाखा जी के स्वरूप में दर्शन किया। आप के पिताजी का नाम श्रीराय भवानंद था तथा वे पूर्व जन्म में राजा पांडू थे। इस जन्म में शूद्र कुल में पैदा हुए। लौकिक दृष्टि से आ
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श्री भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-05-02
आप 3 फरवरी सन् 1888 वैशाख कृष्ण षष्ठी तिथि में विष्णुपुर महकमा के अंतर्गत पात्रसाय नामक गांव में श्रीरामचन्द्र बंदोपाध्याय तथा श्रीमती ज्ञानदा सुंदरी देवी को अवलंबन कर इस धरातल पर प्रकट हुए। आपके पिता
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श्री परमेश्वरी दास ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-05-01
गौरगणोद्देश दीपिका के अनुसार आप, वृज लीला में भगवान बलराम जी के जो प्रमुख बारह ग्वाल बाल सखा हूँ उनमें से एक, अर्जुन नामक सखा हैं। वे अर्जुन नाम के सखा ही श्रीगौर लीला में आप के नाम से प्रसिद्ध हैं।
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श्री नृसिंह देव का प्रकट उत्सव
2026-04-30
भक्तराज प्रह्लाद के पिता हिरण्यकशिपु वेदों के परम विद्वान थे, उन्हें समस्त वेद कण्ठस्थ थे। परन्तु भगवान् श्रीकृष्ण से विमुख होने के कारण उनका स्वभाव आसुरिक था। जब हिरण्यकशिपु की तपस्या से प्रसन्न होकर
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श्री जाह्रवा देवी का आविर्भाव
2026-04-25
पहले जो बलदेव जी की पत्नियाँ वारुणी और श्वेतवंश में उत्पन्न रेवती थीं, वे ही इस अवतार में वसुधा एवं जाह्नवा नाम से नित्यानन्द जी की दोनों पत्नियाॅ हुईं। ये दोनों सूर्य के समान तेजस्वी थीं व सूर्यदास क
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आदि शंकराचार्य जी का प्राकट्य उत्सव
2026-04-22
आपका जन्म केरल के कालड़ी गांव में 788 ईस्वी में हुआ । आप अपने पिता श्रीशिव गुरु भट्ट और माता आर्यम्बा को अवलंबन कर इस जगत में आए। आप अद्वैत सिद्धान्त के प्रमुख प्रतिपादक थे। आपने बौद्ध और जैन मतों के प
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श्री श्रीमद्भक्तिविलास गभस्तिनेमि गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-04-22
आप पूर्व में हावड़ा जिले के ब्राह्मणपाड़ा गाँव में श्री रामकृष्ण सरकार के द्वितीय पुत्र के रूप में आविर्भूत हुए। आप की किशोर अवस्था में ही धीरावाला वसुराणी के साथ विवाह हुआ। संसार धर्म, नौकरी एवं
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श्रील भक्तिसौध आश्रम गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-20
पूर्वबंग फरीदपुर ज़िले में सन् १९१४ के वैशाख माह के अक्षय तृतीया में पिता श्रीयोगेन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय एवं माता श्रीविलासिनी देवी को आश्रय कर आप आविर्भूत हुये। आपके जन्म के पहले मातृदेवी प्रायः स्वप
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श्री श्रीमद्भक्तिविचार यायावर गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-19
आप ने पश्चिमबंग मेदिनीपुर जिले में दुरमुख गाँव में पिता श्रीपद्मलोचन पण्डा एवं परम भक्तिमती माता श्रीमती रुक्मिनी देवी के पुत्र रूप में १३१५ बंगाब्द, सन् १९०८ में वैशाखी शुक्ला द्वितीया तिथि शुक्रवार