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श्रीमन मध्वाचार्य जी का तिरोभाव
2026-01-27
आप हमारे श्रीब्रह्म-मध्व संप्रदाय के आचार्य हैं। महाभारत के शांतिपर्व में पितामह भीष्म ने पांडवों से कहा था कि कलियुग के चार हजार वर्ष बीतने पर पांडवों का पुनः इस जगत में आविर्भाव होगा।
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श्रीमद् अद्वैताचार्य जी का आविर्भाव
2026-01-25
भगवान् श्रीकृष्ण जी की इच्छा के अनुसार आप श्रीकृष्ण जी की दिव्य लीला स्थली श्रीवृजमण्डल धाम की रक्षा के लिए नियुक्त रहते हैं। आपको श्रीचैतन्य महाप्रभु जी से अभिन्न शरीर व भगवान सदाशिव जी का अवतार भी क
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सरस्वती पूजा
2026-01-23
भौतिकता वादियों के द्वारा सांसारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए सरस्वती पूजा की जाती है। जबकि भक्त लोग आध्यात्मिक विद्या के लिए सरस्वती देवी जी का आशीर्वाद लेते हैं। शुद्धा सरस्वती पूजा हमें भगवान की ओर
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श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी जी का आविर्भाव
2026-01-23
श्रीकृष्ण लीला में जो रस मंजरी हैं, श्रीगौर लीला में वही श्रीरघुनाथ दास गोस्वामी जी के रूप में प्रकट हुई हैं। आप के पिता थे — श्रीगोवर्धन मजूमदार। श्रीगोवर्धन मजूमदार के बड़े भाई श्रीहिरण्य मजूमदार थे
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श्री विष्णुप्रिया देवी जी का आविर्भाव
2026-01-23
पूर्वकाल में अर्थात् श्रीकृष्ण लीला में जो राजा सत्राजित थे, वही दूसरे जन्म में श्रीसनातन मिश्र नाम से पैदा हुए हैं। जगन्माता भूस्वरूपिणी—विष्णुप्रिया जी, उन्हीं की कन्या हैं। यदुवंश के राजा सत्राजित
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श्री पुण्डरीक विद्यानिधि जी का आविर्भाव
2026-01-23
पहले जो व्रजमण्डल में वृषभानु रूप से विख्यात थे, वही महाशय इस समय श्रीचैतन्य महाप्रभु जी की लीला में पुण्डरीक विद्यानिधि के नाम से प्रसिद्ध हुए। स्वयं श्रीचैतन्य महाप्रभु जी ने स्वकीय भाव को अवलम्बन
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श्रील रघुनन्दन ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-01-23
प्रद्युम्न जी तृतीय व्यूह के हैं। इन्होंने श्रीकृष्ण जी के प्रियतम सखा होकर व्रज में श्रीराधामाधव जी की लीला में सहायता की थी। ये प्रद्युम्न जी ही इस समय श्रीचैतन्य के अभिन्न देह श्रीरघुनन्दन बने हैं।
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श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-01-23
आप जगत को भक्ति का मार्ग दिखाने वाले होने के कारण विश्वनाथ और भक्तों में श्रेष्ठ होने के कारण चक्रवर्ती की उपाधि से विभूषित हुए थे। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती जी लगभग 1560 शकाब्द अर्थात् 1639 सन
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श्रीमद्भक्तिविवेक भारती गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-01-23
श्रीमद्भक्तिविवेक भारती गोस्वामी महाराज बंगाल देश यशोहर जिला के एक मध्यवर्गीय वसु परिवार में आविर्भूत हुए। माता-पिता ने इनका नाम रखा श्रीअमलकान्त वसु। बाल्यकाल में ही इनके पिता का अंतर्ध्यान हो गया।
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श्रील परिव्राजकाचार्य त्रिदण्डीस्वामी 108 श्रीमद्भक्तिस्वरूप पर्वत गोस्वामी महाराज
2026-01-23
श्रील भक्तिस्वरूप पर्वत गोस्वामी महाराज ने सन् १८८४ श्रीगुरुपूर्णिमा तिथि पर श्रीधाम नवद्वीप अन्तर्गत गोडूम द्वीप निवासी पिता प्रभुगोपाल वेदान्त देशिक के पुत्र के रूप में जन्म लिया। बाल्यकाल में इनका
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श्री भक्ति शरण शान्त गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-01-20
एक समय श्रील प्रभुपाद द्वारा श्रीचैतन्य वाणी प्रचार की एक सभा में अति सुन्दर सुसिद्धान्त पूर्ण हरिकथा श्रवण करके आपमें संसार से वैराग्य प्रकट हुआ। आपने यह समझा कि जीवन का एकमात्र कर्तव्य हरि स्मरण और
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श्रीमद् भक्ति गौरव वैखानस गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-01-19
आपने सन् 1877, कार्तिक महीने की कृष्ण प्रतिपदा तिथि में गंजाम जिले के बड़गड़ ग्राम निवासी जमींदार कुलीन ब्राह्मण पिता यदुमणी रथ एवं माता ललिता देवी का आश्रय कर ज्येष्ठ पुत्र के रूप में जन्म ग्रहण किया
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Srila Swami Prabhupada (Iskcon) & Srila Bhakti Dayita Madhav Maharaj
2026-01-10
Founder-Acharya of ISKCON, Srila A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada, and the Founder-Acharya of Sree Chaitanya Gaudiya Math, Srila Bhakti Dayita Madhav Goswami Maharaj, were close godbrothers and de
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श्री लोचन दास ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-01-10
आप सन् 1523 में वर्द्धमान जिले के कटोचा महकुमा में 'को' नामक गांव में राढीय वैद्यवंश में आविर्भूत हुए थे। आपके पिताजी का नाम श्री कमलाकर दास और माता जी का नाम श्रीमती सदानन्दी था।
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श्री जयदेव गोस्वामी जी का तिरोभाव
2026-01-09
श्री गौड़ीय वैष्णव अभिधान में इस प्रकार लिखा है कि आपके पिताजी श्री भोज देव और माता श्रीमती वाम देवी थीं। आप बंगाल के श्री लक्ष्मण सेन राजा के महल के निकट रहते थे। आपके द्वारा रचित दशावतार स्तोत्र सुनक
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श्रीगोपाल भट्ट गोस्वामी जी का आविर्भाव
2026-01-06
श्री कृष्ण लीला के समय जो अनंग मंजरी हैं, वह ही ऊगौर लीला की पुष्टि के लिए श्रील गोपाल भट्ट गोस्वामी के रूप में अवतरित हुई हैं। आप दक्षिण भारत के श्रीरंग क्षेत्र में सन 1500 ई. में श्
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