आप भगवान श्रीकृष्ण की लीला में श्री बलराम जी के प्रिय 12 ग्वालों में से श्री सुबल सखा थे। इसीलिए आप श्रीनित्यानन्द प्रभु जी के मुख्य पार्षदों में से एक पार्षद थे। पहले आपका निवास स्थान मुरागाछा स्टेशन
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श्री रूप गोस्वामी जी का तिरोभाव
2026-08-25
वृन्दावन की श्रीकृष्ण लीला में जो श्री रूप मंजरी के नाम से प्रसिद्ध थे, वे ही गौरलीला के लिए अब श्रीरूप गोस्वामी जी के रूप में प्रकट हुए हैं। राधारानी की अनुगता सखियों में प्रधाना- ललिता सखी जी हैं व
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श्रील रघुनन्दन ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-08-16
आपने श्रीकृष्ण जी के प्रियनर्म सखा होकर व्रज में श्रीराधामाधव जी की लीला में सहायता की थी। आपके पिता का नाम श्रीमुकुन्द दास जी है।आप बसन्त पंचमी के शुभ दिन प्रकट हुए थे। आप के चाचा श्रीनरहरि सरकार ठाक
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श्री वंशीदास बाबाजी महाराज जी का तिरोभाव
2026-08-16
आप परमहंस वैष्णव थे। बांग्लादेश के मेमन सिंह जिले में मजीदपुर नामक गांव में आप प्रकट हुए थे। युवा अवस्था में आप बांग्लादेश से नवद्वीप में आकर अवधूत के रूप में गंगाजी किनारे, वृक्षों के नीचे रहकर बड़े
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श्रील भक्ति रक्षक श्रीधर महाराज जी का तिरोभाव
2026-08-12
आप ने वर्द्धमान जिला कालना महकुमा के अन्तर्गत काटोया लाइन पाटुली स्टेशन के निकट हाँपानिया गाँव में सन् 1895, में श्रील वीरचन्द्र प्रभु जी की शुभ आविर्भाव तिथि में प्रकट हुए। आपके माता पिता दोनों ही
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श्री लोकनाथ गोस्वामी जी का तिरोभाव
2026-08-06
श्रीकृष्ण लीला में जो लीला मंजरी नामक सखी थीं, वे ही गौरलीला की पुष्टि के लिए श्री लोकनाथ गोस्वामी के रूप में प्रकट प्रकट हुईं। आप भगवान् श्रीचैतन्य महाप्रभु जी के साक्षात् शिष्य और पार्षद के रूप में
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श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी जी का तिरोभाव
2026-08-04
श्रीकृष्ण लीला में अनंग मंजरी ही, गौरलीला की पुष्टि के लिए गोपाल भट्ट गोस्वामी के रूप में अवतरित हुई हैं। आपका निवास स्थान श्रीरंगम के निकट कावेरी नदी के किनारे बेलगुंडी ग्राम में था। आप सन् 1500 ई
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श्रील प्रबोधानन्द सरस्वती जी का तिरोभाव
2026-07-30
श्रीचैतन्य चरितामृत के एक पयार के अमृत प्रवाह भाष्य में श्रील भक्ति विनोद ठाकुर जी ने लिखा है कि वैंकट भट्ट, इनके भाई त्रिमल्ल भट्ट और आप, पहले 'श्री' सम्प्रदाय के आचार्य थे। वैंकट भट्ट के प
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श्रील भक्ति कमल मधुसूदन गोस्वामी जी का तिरोभाव
2026-07-24
19 दिसम्बर सन् 1901 को वृहस्पतिवार श्रीगौर नवमी तिथि में प्रातः 6:15 बजे, बंगाला देश के फरिदपुर जिले केअन्तर्गत वाजितपुर ग्राम में आपका प्राकट्य हुआ। ऋग्वेदी श्रेष्ठ वारेन्द्र ब्राह्मण कुल में पिता श्
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श्रीवास पण्डित जी का तिरोभाव
2026-07-09
आप पहले श्रीहट्ट ज़िला (बंगला देश) में रहते थे, आपने ही बाद में नवद्वीप में आकर गौर-पार्षद रूप से गौरलीला की पुष्टि की। आपके पिता श्रीजलधर पण्डित वैदिक ब्राह्मण थे । श्रीजलधर पण्डित के पाँच पुत्रों
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श्रीवक्रेश्वर पण्डित जी का आविर्भाव
2026-07-05
श्रीकृष्ण-लीला के चतुर्व्यूह में जो अनिरुद्ध हैं, वे ही गौरलीला में आप के रूप में आविर्भूत हुए। श्रीराधिका जी की प्रिय सखी शशिरेखा भी आप के अन्तर्प्रविष्ट हैं। बहुत से लोगों का कहना है कि त्रिवेणी के
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श्रील बलदेव विद्याभूषण प्रभु जी का तिरोभाव
2026-06-24
आप 18वीं शताब्दी में उड़ीसा के बालेश्वर जिले के रेमुणा के पास ही एक गांव में आविर्भूत हुए थे। आपने चिल्का सरोवर के किनारे विद्वानों के निवास स्थान पर व्याकरण अलंकार और न्याय शास्त्र का अध्ययन करके उसम
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श्री गंगा माता गोस्वामिनी जी का आविर्भाव
2026-06-24
आप भगवान श्रीचैतन्य महाप्रभु जी की शक्ति, श्री गदाधर पंडित गोस्वामी जी की शिष्य परंपरा में से हैं। जितने भी गुण श्रीकृष्ण से उनके भक्तों में संचारित होते हैं, वह सभी गुण आप में विद्यमान रहते हैं।
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श्री वृन्दावनदास ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-05-14
श्री वेदव्यास जी ने श्रीमद् भागवत में कृष्ण लीला का वर्णन किया है। आप इन्हीं व्यास जी से अभिन्न व उनके ही अवतार हैं। आप के द्वारा रचित श्री चैतन्य भागवत में श्री चैतन्य लीला वर्णित हुई है।
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श्री राय रामानन्द जी का तिरोभाव
2026-05-07
श्रील भक्ति विनोद ठाकुर जी ने आपको विशाखा जी के स्वरूप में दर्शन किया। आप के पिताजी का नाम श्रीराय भवानंद था तथा वे पूर्व जन्म में राजा पांडू थे। इस जन्म में शूद्र कुल में पैदा हुए। लौकिक दृष्टि से आ
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श्री भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-05-02
आप 3 फरवरी सन् 1888 वैशाख कृष्ण षष्ठी तिथि में विष्णुपुर महकमा के अंतर्गत पात्रसाय नामक गांव में श्रीरामचन्द्र बंदोपाध्याय तथा श्रीमती ज्ञानदा सुंदरी देवी को अवलंबन कर इस धरातल पर प्रकट हुए। आपके पिता